आज गोपीनाथ टेम्पल का दौरा किया राहुल गांधी ने

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भावनगर . राहुल गांधी  गुरुवार को गुजरात में इलेक्शन कैंपेन किया। इस दौरान वो बोटाद के गोपीनाथ मंदिर गए और करीब आधे घंटे तक यहां रहे। इसी मंदिर से महज 200 मीटर दूर नरेंद्र मोदी के गुरू का स्वामीनारायण मंदिर भी है। यह काफी पुराना मंदिर है। लेकिन, राहुल यहां नहीं गए। खास बात ये है कि स्वामीनारायण मंदिर से काफी बड़ी तादाद में पाटीदार जुड़े हुए हैं। बता दें कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल ने असेंबली इलेक्शन में कांग्रेस को समर्थन देने का एलान किया है। गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को वोटिंग है। नतीजों का एलान 18 दिसंबर को होगा।

गोपीनाथ मंदिर में राहुल गांधी

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, राहुल गांधी अपने चुनावी दौरों में 23 मंदिरों में जा चुके हैं। गुरुवार को वो बोटाद के गोपीनाथ देवमंदिर ट्रस्ट के स्वामीनारायण मंदिर गए।
मंदिर मैनेजमेंट के मेंबर एसपी. स्वामी ने राहुल को पगड़ी और हार पहनाकर स्वागत किया। राहुल ने यहां प्रसाद लिया और साधु-संतों से बातचीत की। वो करीब आधे घंटे यहां रहे। इसके बाद वो एक रैली के लिए रवाना हो गए।

मोदी के गुरू के मंदिर नहीं गए कांग्रेस उपाध्यक्ष

राहुल गांधी जिस गोपीनाथ मंदिर गए वहां से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर स्वामीनारायण संप्रदाय का बीएपीएस मंदिर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां आते रहते हैं। यह उनके गुरू का मंदिर है। 15 अगस्त को मोदी यहां आए थे और अपने ब्रह्मलीन गुरू प्रमुख स्वामी को श्रद्धांजलि दी थी।
यह मंदिर गुजरात के पाटीदार समुदाय के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। राहुल गांधी यहां नहीं आए। हालांकि, वो बीएपीएस संप्रदाय के अक्षरधाम मंदिर जा चुके हैं।

सोमनाथ मंदिर में बतौर गैर-हिंदू दर्ज हुआ था राहुल का नाम?

राहुल गांधी ने दो दिन के गुजरात दौरे की शुरुआत बुधवार को सोमनाथ मंदिर से की थी। दावा किया जा रहा है कि मंदिर में राहुल गांधी का नाम बतौर गैर-हिंदू दर्ज हुआ था। अहमद पटेल भी राहुल के साथ थे। दोनों ने ही रजिस्टर पर दस्तखत नहीं किए। मामला बढ़ा तो कांग्रेस के स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने कहा- राहुल जी ने विजिटर्स बुक में एंट्री की थी। राहुल जी सिर्फ एक हिंदू ही नहीं हैं, वो जनेऊधारी भी हैं।
बीजेपी के स्पोक्सपर्सन संबित पात्रा ने कहा था- कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए धर्म सुविधा का विषय है, आस्था का नहीं। राहुल गांधी को बताना चाहिए कि वो आखिर हैं कौन?

80 से 100 सीटों पर मंदिरों का असर

गुजरात विधानसभा की 80 से 100 सीटें ऐसी हैं, जिन पर मंदिरों का असर देखा जाता है। इसी के चलते इन मंदिरों में बड़े-बड़े नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। यही वजह कि पिछले 22 साल से सत्ता से दूर रही कांग्रेस ने अपनी कैम्पेन में इन मंदिरों को शामिल किया है।

Ref:- bhaskar.com

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