पार्लियामेंट्री पैनल के सामने आज खुद भंसाली अपनी बात रखेंगे:-पद्मावती विवाद

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फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होनी थी, लेकिन भारी विरोध और करीब चार से पाच राज्यों में बैन के बाद इसकी स्क्रीनिंग को टाल दिया गया था।

नई दिल्ली/मुंबई. फिल्म पद्मावती पर चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। मामला अब संसद के पार्लियामेंट्री पैनल के पास पहुंच गया है। पैनल ने फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली और सेंसर बोर्ड के चीफ प्रसून जोशी को गुरुवार को बुलाया है। भंसाली मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। ये दोनों फिल्म को लेकर अपनी राय रखेंगे। बता दें कि फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होनी थी, लेकिन भारी विरोध और करीब चार से पाच राज्यों में बैन के बाद इसकी स्क्रीनिंग को टाल दिया गया है।

पैनल ने सेंसर बोर्ड और इन्फॉर्मेशन ब्रॉडकास्टिंग के अफसरों को भी बुलाया

पार्लियामेंट्री पैनल ने CBFC और इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग के अफसरों को भी बुलाया है। इस दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

पैनल के चेयरमैन अनुराग ठाकुर हैं। इसके अलावा, इसमें परेश रावल  समेत 30 मेंबर हैं।

सोमवार को अनुराग ठाकुर ने न्यूज एजेंसी से बताया था, “पैनल ने भंसाली और जोशी को अपनी बात रखने के लिए बुलाया है। वे पैनल के सामने अपनी बात रख सकते हैं।”

सेंसर बोर्ड ने नहीं दी हरी झंडी
सेंसर बोर्ड ने अभी तक पद्मावती को पास नहीं किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2 बार पिटीशन खारिज की
सुप्रीम कोर्ट दो बार इस फिल्म पर बैन लगाने की पिटीशन खारिज कर चुका है। पहली बार 10 नवंबर को, वहीं दूसरी बार 28 नवंबर को अर्जी खारिज की।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा- “जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को कानून के मुताबिक काम करना चाहिए और फिल्म को लेकर कोई कमेंट नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये मामला अभी सेंसर बोर्ड में लंबित है। उनके कमेंट्स सेंसर बोर्ड के मेंबर्स के फैसले पर असर डाल सकते हैं।”

फिल्म पद्मावती को लेकर क्या आपत्ति है?
राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए।

अब तक क्या हुआ?
विरोध मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक तक पहुंच गया है। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी में सरकार ने इसे रिलीज नहीं करने की बात कही है।
राजस्थान की राजपूत करणी सेना के अलावा राजघराने भी फिल्म के खिलाफ हैं। इनकी मांग है कि इसे रिलीज करने के पहले उन्हें दिखाई जाए।
राजनाथ सिंह, उमा भारती, लालू प्रसाद यादव, यूपी सीएम  समेत कई नेताओं ने बयान दिए कि लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
राजपूतों ने चित्तौड़गढ़ का किला बंद रखकर भी प्रदर्शन किया था।

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