लगभग 12 लोगो की मौत, 30 लापता मछुआरों की तलाश में जुटी एयरफोर्स: ‘ओखी’ तूफान

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वेदर डिपार्टमेंट के अनुसार, यह तूफान 25 kmph की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

चेन्नई/तिरुवनंतपुरम. चक्रवाती तूफान ओखी की वजह से तमिलनाडु और केरल में मौत का आंकड़ा 12 पहुंच गया है। निचली इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। इंडियन एयरफोर्स ने केरल के समुद्र में लापता 30 मछुआरों की तलाश और रेस्क्यु ऑपरेशन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नेवी और कोस्ट गार्ड्स ने त्रिवेंद्रम के पास फंसे 59 मछुआरों को रेस्क्यू किया। सरकार ने 29 रिहैबिलटेशन सेंटर बनाए हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इनमें 491 परिवारों में के 2755 लोग मौजूद हैं।

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में बीते 24 घंटे में भारी बारिश हुई है। थामिराबरानी नदी का वॉटर लेवल बढ़ने से करुपनथुरी में एक कम ऊंचाई वाला ब्रिज पानी में डूब गया है। इसकी वजह से इस रोड पर ट्रैफिक थम गया है।

जापान के एक कार्गाे शिप ने रेस्क्यु ऑपरेशन में मदद की है और समुद्र से 60 मछुआरों को बचाया है। उन्हें यहां नजदीक में विज्हिंजम तट लाया गया।

वेदर डिपार्टमेंट का अनुमान है कि ‘ओखी’ शनिवार को लक्षद्वीप पहुंच सकता है। इस दौरान इस तूफान की रफ्तार 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। इससे लक्षद्वीप समेत तटीय क्षेत्र में भारी बारिश होने के आसार हैं।

वेदर डिपार्टमेंट के मुताबिक, अगले 24 घंटों में तमिलनाडु और पुड्डूचेरी में ज्यादातर जगहों पर बारिश होने के आसार हैं। नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी और डिंडीगुल में भारी बारिश हो सकती है।

सीएम ने किया मुआवजे का एलान
बारिश और तूफान की वजह से हुई घटनाओं में तमिलनाडु में पांच लोगों की और तमिलनाडु में सात लोगों की मौत हुई है।
सीएम के पलानीस्वामी ने मारे गए लोगों के परिवार को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने का एलान किया है।

सबसे ज्यादा असर कन्याकुमारी में
तमिलनाडु के सीएम ऑफिस की रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र में केरल के 218 मछुआरे फंसे थे, जो नेवी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड की मदद से किनारे पहुंचने में कामयाब हो गए।
तूफान का सबसे ज्यादा असर कन्याकुमारी में हुआ है। यहां राहत के काम में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की दो टीमें और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स एजेंसी की सात टीमें लगाई गई हैं।
कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली और तूतीकोरन जिलों में तेज हवा और आंधी की वजह से 579 पेड़ उखड़ गए।
एक ऑफिशियल रिलीज में बताया गया कि कन्याकुमारी और तिरुनेलवेली जिलों भारी बारिश से प्रभावित 1200 लोगों को रिलीफ कैम्प में ठहराया गया है।

रेस्क्यू के लिए नेवी ने 5 शिप रवाना किए

नेवी के मुताबिक, दो AN32 एयरक्राफ्ट्स ने समंदर में करीब 25 लोगों को फंसे देखा है। इनकी लोकेशन की जानकारी कोस्ट गार्ड्स और नेवी को दी गई है। राहत और बचाव के सामन के साथ दो शिप लक्षद्वीप में स्टैंडवाई पर रखे गए हैं।

कोच्चि से नेवी के 5 शिप रेस्क्यू के लिए रवाना किए गए हैं। सर्च ऑपरेशन में नेवी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड्स के एयरक्राफ्ट्स की मदद ली जा रही है। नेवी के एक हेलिकॉप्टर के जरिए त्रिवेंद्रम से 20 नॉटिकल मीट दूर एमवी एनर्जी ओर्फियस के पास 8 लोगों को निकाला गया।

तूफान को ‘ओखी’ नाम कैसे मिला?

वेदर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ने बताया कि तूफान को ‘ओखी’ नाम बांग्लादेश ने दिया है। आगे इसके अरब सागर में बढ़ने के आसार हैं। फिलहाल, जो संकेत मिल रहे हैं उसके आधार पर ‘ओखी’ को खतरनाक माना जा रहा है।

 

Ref:-bhaskar.com

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