अब तक की सबसे अच्छी और संतुलित टीम है भारत की, दक्षिण अफ्रीका में भारत की जीत हो सकती है : सुनील गावस्कर

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टीम इंडिया ने लगातार 9 टेस्ट सीरीज़ में जीत हासिल करके ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की ,तो फ़ैन्स और जानकारों का इस टीम पर विश्वास भी बढ़ा है

नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच पहले टेस्ट मैच से पहले अभी करीब महीने भर का वक्त बचा है लेकिन वहां के नतीजों को लेकर अटकलबाज़ी शुरू हो गई है. दोनों टीमों के बीच आंकड़े कैसे भी रहे हों, भारतीय एक्सपर्ट्स इस टीम से कई वजहों से जीत की उम्मीद रखने लगे हैं. पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर कहते हैं,  मुझे लगता है कि यह टीम दक्षिण अफ़्रीका में जीत हासिल कर सकती है. टीम को इसी विश्वास के साथ वहां जाना चाहिए. क्योंकि, ये एक बहुत अच्छी टीम है.”

दरअसल टीम इंडिया ने लगातार 9 टेस्ट सीरीज़ में जीत हासिल कर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की तो इससे फ़ैन्स और जानकारों का इस टीम में भरोसा बढ़ा है. पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर तो इसे भारतीय क्रिकेट इतिहास की अब तक की सबसे ज़्यादा बैलेंस्ड टीम का दर्जा दे रहे हैं. लगातार 9 सीरीज़ जीतना बहुत बड़ी कामयाबी है. ऐसा करना आसान नहीं है. मुझे लगता है कि भारतीय क्रिकेट इतिहास की यह अब तक की सबसे ज़्यादा संतुलित टीम है. टीम के पास शानदार पेसर्स हैं, शानदार स्पिनर्स, शानदार बैटिंग लाइन अप, बेहतरीन विकेटकीपर और टॉप क्लास फ़ील्डिंग यूनिट है.”

कई जानकार मानते हैं कि विदेशी पिचों पर चुनौती के लिए भी यह टीम तैयार है. हालांकि कप्तान विराट कोहली तैयारी के लिए कम समय की बात कह चुके हैं. भारत का दक्षिण अफ़्रीका में रिकॉर्ड भी अब तक अच्छा नहीं रहा है. भारत ने अब तक दक्षिण अफ़्रीका में 6 टेस्ट सीरीज़ खेली हैं जिसमें उसे सिर्फ़ एक बार सीरीज़ को ड्रॉ रखने में कामयाबी हासिल हुई है. इस दौरान भारत ने वहां खेले 17 में से सिर्फ़ 2 टेस्ट में जीत हासिल की है.

सुनील गावस्कर मानते हैं कि दक्षिण अफ़्रीका की चुनौती के लिए भारत के पास तेज़ हथियार हैं. वो कहते हैं कि भारत के पास 3 उम्दा ओपनर्स हैं जिनमें से एक को छठे नंबर पर भी खिलाया जा सकता है. इसके अलावा उन्हें लगता है कि दक्षिण अफ़्रीकी तेज़ पिचों पर भारत के तेज़ गेंदबाज़ घातक साबित हो सकते हैं. वो कहते हैं, “जिस तरह से ईशांत शर्मा ने कमबैक किया है, इससे लगता है कि फ़ास्ट पिचें मिलीं तो हमारे गेंदबाज़ भी अच्छा करेंगे. हम वहां ईंट का जवाब पत्थर से दे सकेंगे.”

अगले दो साल भारत को कई बार विदेशी पिचों पर कड़े इम्तिहान देने होंगे. इस टीम को इन चुनौतियों के ज़रिए अपना दम दिखाने के भी अच्छे मौक़े मिलेंगे.

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