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अन्ना हजारे पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 23 मार्च 2018 से दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रहे तीन सूत्रीय आंदोलन में लोकपाल की नियुक्ति, किसानों की समस्या, चुनाव सुधार को लेकर जनता में जागरूकता पैदा करने का लक्ष्य है.

आगरा/भारत: समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि वर्ष 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन के बाद अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी बना ली तो उन्होंने उनसे कोई वास्ता नहीं रखा. उन्होंने कहा कि 23 मार्च 2018 से वह एक और आंदोलन शुरू करने वाले हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे कोई नया ‘केजरीवाल’ पैदा नहीं होगा. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 23 मार्च 2018 से दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रहे तीन सूत्रीय आंदोलन में लोकपाल की नियुक्ति, किसानों की समस्या, चुनाव सुधार को लेकर जनता में जागरूकता पैदा करने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि अब जो भी कार्यकर्ता आंदोलन के दौरान उनसे मिलेंगे, स्‍टांप पेपर पर लिखकर देंगे कि वह कोई पार्टी नहीं बनायेंगे. साथ ही उन्होंने घोषणा की  वह न तो किसी पार्टी का समर्थन करेंगे और ना ही किसी पार्टी से किसी को चुनाव लड़वाएंगे|

उन्होंने कहा, ‘पिछले 22 वर्षों में कम से कम 12 लाख किसानों ने आत्महत्या की है. मैं जानना चाहता हूं कि इस कालखंड में कितने उद्योगपतियों ने आत्महत्या की’. भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए हजारे जनलोकपाल का गठन करने की मांग करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि, ”लोकसभा में फिलहाल विपक्ष का कोई नेता नहीं है इसलिए समिति का गठन नहीं हो सकता है. ऐसे में लोकपाल की नियुक्ति भी नहीं हो सकती है’|उन्होंने कहा कि लोकपाल कानून के तहत एक समिति जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधान न्यायाधीश अथवा उनके द्वारा नामित कोई व्यक्ति हो, उसका गठन किया जाना चाहिए| वही समिति लोकपाल को चुने.

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