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हैदराबाद/भारत- भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा अगर मेरे नाम के पीछे गांधी उपनाम नहीं होता तो मै इतने कम उम्र में दो बार सांसद नहीं बन पाता.उन्होंने कहा कि प्रभावशाली पिता या गॉडफादर के बिना राजनीति में जगह बनाना मुश्किल है. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से भाजपा सांसद ने यहां एक सेमिनार के दौरान यह बात कही. भाजपा सांसद वरूण गांधी अपने स्पष्ट राय रखने के लिए माने जाते है. भाजपा के लोकसभा सांसद वरुण गांधी ने शुक्रवार (10 नवंबर) को कहा कि अगर निर्वाचित प्रतिनिधि अच्छा काम नहीं करते हैं तो उन्हें चुनने वाले लोगों को उन्हें बुलाने का अधिकार भी मिलना चाहिए.उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर से सांसद ने कहा कि गैर राजनीतिक परिवारों के लोगों को प्रतिभा के आधार पर राजनीति में आना चाहिए न कि जाति और धर्म के मुद्दों पर. उन्होंने कहा, ‘चुनाव जीतना कठिन नहीं है…लोगों को राइट टू रिकॉल मिलना चाहिए और मैं इस विधेयक को (निजी विधेयक के तौर पर) संसद में पेश करूंगा ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि लोग अपने प्रतिनिधियों से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में उन्हें हटा सकें.

उन्होंने कहा, ‘हमें सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि हिंदुस्तान का सर्वांगीण स्वरूप उभरे जहां सभी को समानता और अवसर के लाभ मिलें.’ उन्होंने कहा कि वह सांसदों का वेतन लगातार बढ़ने के खिलाफ हैं जो सांसद खुद ही बढ़ा लेते हैं. उन्होंने कहा कि सांसदों को खुद से अपना वेतन नहीं बढ़ाना चाहिए.वरुण ने कहा कि सांसद के रूप में वह अपना वेतन नहीं लेते और लोकसभा अध्यक्ष से कहा है कि इसे किसी गैर सरकारी संगठन या जरूरतमंद को दे दें. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में लोगों का हस्तक्षेप होना चाहिए और जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी आवश्यक है जिससे भ्रष्टाचार स्वत कम हो जाएगा.

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