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हॉलीवुड एक्ट्रेस सलमा हायक ने अपने एक लेख, डायरेक्टर-प्रोड्यूसर हार्वे विंस्टीन पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया है

कैलिफोर्निया/अमेरिका- हॉलीवुड एक्ट्रेस सलमा हायक ने डायरेक्टर-प्रोड्यूसर हार्वे विंस्टीन पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया है। सलमा ने आर्टिकल में लिखा है की “हार्वे एक अच्छे पिता है, उन्हें टैलेंट की पहचान है, वे रिस्क लेने में नहीं घबराते, लेकिन वो एक दरिंदे भी हैं। उन्होंने तो मुझे मारने तक की कोशिश की।”

सलमा कौन है?

2 सितंबर, 1966 में जन्मी सलमा मैक्सिकन मूल की एक्ट्रेस हैं। डेस्पराडो, फ्रॉम डस्क टिल डॉन, डॉग्मा, वाइल्ड वाइल्ड वेस्ट उनकी बेहतरीन फिल्में मानी जाती हैं। 2002 में सलमा की फिल्म फ्रीडा आई थी । इसमें उन्होंने मैक्सिकन पेंटर फ्रीडा काह्लो का रोल किया। इसके लिए उन्हें एकेडमी अवॉर्ड्स, बाफ्टा, स्क्रीन एक्टर गिल्ड और गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में बेस्टर एक्टर (फीमेल) के लिए नॉमिनेशन मिला। सलमा ने 2009 में एक्टर फ्रांसुआ-हेनरी पिनॉ से शादी की।

 सलमा के 5 आरोप लगाए वीनस्टीन पर

जान से मारने की धमकी दी।
कई बार जबरन सेक्शुअल रिलेशन बनाने को कहा।
साथ में नहाने के लिए कहा, जिसे मैंने मना कर दिया।
न्यूड होकर मसाज करने के लिए कहा लेकिन मैंने मना कर दिया।
किसी अन्य महिला के साथ न्यूड होकर रिलेशन बनाने को कहा।

बस अब और नहीं

सलमा ने लिखा, ये उन 14 सालों की कहानी है जब मैं एक स्कूल की लड़की से मैक्सिकन स्टार बन गई। मुझे डेस्पराडो और फूल रश इन जैसी शानदार फिल्में मिलीं। वीनस्टीन एक नए तरह के फिल्ममेकर के रूप में सामने आए। वो दौर था जब कोई मैक्सिकन एक्ट्रेस हॉलीवुड में आने की कल्पना नहीं कर सकती थी। मैंने उन सब धारणाओं को गलत साबित किया।वीनस्टीन गुणवत्ता, संजीदगी और खतरा उठाने के पर्याय बन गए। उनके साथ काम करना एक्टर्स के लिए अदभूत अनुभव था। सलमा ने आर्टिकल में लिखा,अब मुझे लगता है कि काश वो मेरे दोस्त न होते। क्वांटिन टेरेंटिनो और जॉर्ज क्लूनी ने मुझे रेप होने से बचाया।उन्होंने अपनी कंपनी के साथ मुझे डील साइन करने को कहा। मुझे लगा कि सपने सच होने वाले हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

कई महिलाओं के साथ उसने एसा किया है

सलमा ने बोला, जब कई महिलाएं हार्वे की करतूतों को बताने के लिए सामने आईं, तब मुझे अपने कायर होने का अहसास हुआ। इसके बाद मैंने अपनी कहानी भी सामने लाने के बारे में सोचा।हालांकि, मेरी आपबीती समुद्र में एक बूंद के समान थी, मुझे लगा कि शायद ही कोई मेरे दर्द को समझ पाए। मुझे उन महिलाओं से अपनी बात कहने की हिम्मत मिली, जिन्होंने एक प्रेसिडेंट पर असॉल्ट का आरोप लगाया।

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