नरेंद्र मोदी ने काँग्रेस के एक दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर को करारा जवाब दिया,आपने मुझे नीच बोला, मेरी जाति कोई भी हो, संस्कार ऊंचे रखे है

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नरेंद्र मोदी ने काँग्रेस के एक दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर को करारा जवाब दिया,आपने मुझे नीच बोला, मेरी जाति कोई भी हो, संस्कार ऊंचे रखे है

गुजरात में 9-14 दिसंबर को 2 फेज में चुनाव हैं। 18 को नतीजे आएंगे। आज पहले फेज का चुनाव प्रचार आज खत्म हो गया है।

सूरत. कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने गुरुवार कोनरेंद्र मोदी के बारे में विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे नीच किस्म के हैं। अय्यर का बयान सामने आने के कुछ ही देर बाद गुजरात के सूरत के लिंबायत में मोदी ने रैली की। उन्होंने कहा, ‘‘श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने आज कहा कि मोदी नीच है। मोदी नीच जाति का है। क्या यही भारत की महान परंपरा है? ये गुजरात का अपमान है। मुझे तो मौत का सौदागर तक कहा जा चुका है। गुजरात की संतानें इस तरह की भाषा का तब जवाब दे देगी, जब चुनाव के दौरान कमल का बटन दबेगा। मुझे भले ही नीच कहा है। लेकिन आप लोग अपनी गरिमा मत छोड़िएगा।’’ रात करीब 9 बजे कांग्रेस ने अय्यर को पार्टी की प्रायमरी मेंबरशिप से सस्पेंड कर दिया। बता दें कि अय्यर के बयान से कॉन्ट्रोवर्सी तब खड़ी हुई है जब गुजरात में 9 दिसंबर को पहले फेज की 89 सीटों पर वोटिंग होनी है।

 मणिशंकर अय्यर ने क्या कहा था?

2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को कांग्रेस अधिवेशन में आकर चाय बेचने का न्योता देने वाले अय्यर फिर विवादों में आ गए। उन्होंने कहा, ‘‘जो अंबेडकरजी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति सबसे बड़ा योगदान था। उनका नाम था जवाहरलाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकरजी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया। मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस प्रकार की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।”

मोदी ने अय्यर को क्या जवाब दिया?

गुजरात के एक चुनावी रैली में मोदी ने कहा, एक नेता हैं। बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी से उन्हाेंने डिग्री ली है। वे भारत के राजदूत रहे हैं। फॉरेन सर्विस के बड़े अफसर रहे हैं। मनमोहन सरकार में वे जवाबदार मंत्री थे। उन्होंने आज एक बात कही। मोदी नीच है। भाइयो-बहनो! ये अपमान गुजरात का है। ये भारत की महान परंपरा है?

क्या ये जातिवाद नहीं है? क्या ये हमारे देश के दलितों का अपमान नहीं है? क्या ये मुगलों की मानसिकता नहीं है, क्या ये सामंतवादी मानसिकता नहीं है? क्या उन्होंने मुझे नीच नहीं कहा? लेकिन, हमारे संस्कार इस तरह की भाषा की इजाजत नहीं देते। आप इसका जवाब वोटिंग मशीन से दीजिए। बताइए उन्हें कि नीच कहने का क्या मतलब होता है? क्या आप देश के किसी नागरिक को नीच कह सकते हैं? कांग्रेस के महारथियो! आप मुझे भले ही नीच जाति और नीच कहते हों। लेकिन, मैं सबकी सेवा के लिए यहां आया हूं। आपने मुझे गधा कहा, नीच कहा। गंदी नाली का कीड़ा तक कहा। मुझे तो मौत का सौदागर तक कहा जा चुका है। तुम्हारी बात-तुम्हें मुबारक, मुझे नीच कहने का साहस दिखाया। लेकिन,आप जिन्हें नीच कहते हैं , वो आपको कुछ सबक तो सिखा चुके हैं अब आगे और सिखाएंगे। तैयार हो जाइए।”

राहुल ने कहा- अय्यर माफी मांगें

अय्यर के बयान पर राहुल गांधी ने भी नाराजगी जताई। राहुल ने एक ट्वीट में कहा, बीजेपी और पीएम कांग्रेस के लिए लगातार गंदी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। कांग्रेस की अपनी संस्कृति और विरासत है। मैं पीएम के लिए मणिशंकर अय्यर के द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा का समर्थन नहीं करता। मैं और हमारी पार्टी चाहती है कि अय्यर अपने बयान के लिए माफी मांगें।”

अय्यर ने माफी मांगी

बवाल होने के बाद मणिशंकर अय्यर फिर मीडिया के सामने आए। लंबी दलीलें दीं। कहा, ”बाबा साहेब अंबेडकर के नाम पर बने भवन के इनॉगरेशन के मौके पर पीएम क्यों कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कस रहे हैं? कहते हैं कि राहुल गांधी मंदिरों में जा रहे हैं, क्या बाबा साहेब के बारे में जानते हैं? अंबेडकरजी संविधान निर्माता हैं, पीएम कैसे कह सकते हैं कांग्रेस और राहुलजी उनके बारे में नहीं जानते। उनका दावा है कि कांग्रेस अंबेडकरजी की विरोधी थी। हम हर कमरे में उनकी तस्वीर लगाते हैं। अंबेडकरजी देश के महान नेता हैं। हम गुजरात चुनाव से हटकर देश को गर्व करने वाली बात करें। लेकिन हर दिन पीएम कांग्रेस और हमारे नेताओं के लिए गंदी बात करते हैं।’मैं कोई बड़ा डिप्लोमैट नहीं रहा। हां, मैंने नीच शब्द का इस्तेमाल किया। मैं हिंदी भाषी नहीं हूं, अंग्रेजी से ट्रांसलेट करता हूं। ‘LOW’ शब्द का मतलब ‘नीच’ निकल गया। जैसे लायक और नालायक एक-दूसरे से विपरीत शब्द हैं। एक बार अटलजी के लिए भी कहा था कि वो बड़े लायक प्रधानमंत्री हैं, लेकिन नालायक काम करते हैं। मैं नालायक कहना चाह रहा था, लेकिन ‘नीच’ का मतलब, लो बोर्न निकला। मुझे इसका पता नहीं था, इसलिए माफी मांगता हूं। मैंने कभी नरेंद्र मोदी को चायवाला नहीं कहा।”

बीजेपी ने क्या कहा?

यूनियन लॉ मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने कहा, दुनिया में देश का मान बढ़ाने वाले को कांग्रेस ने नीच कहा। मैं इसकी निंदा करता हूं। अय्यर एक दरबारी नेता हैं।राजीव गांधी के करीबी दोस्त रहे हैं। पहले मोदीजी को चाय बेचने वाला कहा। कांग्रेस एक सामंती सोच वाली पार्टी है। उन्हें ये दुख है कि गरीब का बेटा कैसे पीएम बन गया। क्या उन्हें ही देश चलाने का अधिकार है।आज मोदीजी ने दिल्ली में अंबेडकरजी के प्रोग्राम में कहा कि वो गरीबी में पले थे। संविधान के जानकार थे। पीएम ने क्या गलत कहा। उन्होंने सिर्फ ये कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने अंबेडकरजी को सम्मान क्यों नहीं दिया। गांधी-नेहरू परिवार के दरबारी नेता पीएम को नीच कह रहे हैं। मैं कहता हूं कि यह सब राहुल गांधी की सहमति से होता है। अब राहुल इसका जवाब दें। उनके एक महामंत्री ने भी पीएम के लिए अपशब्द कहे थे। जब-जब गांधी-नेहरू परिवार के बाहर से कोई प्रधानमंत्री बनता हैं कांग्रेस बौखला जाती है, उसे लगातार अपमानित किया जाता है।”

कांग्रेस ने क्या कहा

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”बीजेपी वाले तो घड़ियाले आंसू बहाएंगे। अंबेडकरजी एक दलित थे और आरक्षण के पक्षधर थे। लेकिन आरएसएस नेता मनमोहन वैद्य ने कहा था कि आरक्षण का फायदा समाज के हर तबके को नहीं मिलता है, इसलिए इसे खत्म कर दिया जाए। संघ प्रमुख ने भी आरक्षण का विरोध किया। पर मोदी कुछ नहीं बोले।”

अय्यर ने ही 2014 में ‘चायवाला’ विवाद शुरू किया था

2014 के लोकसभा चुनाव के पहले दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस अधिवेशन के दौरान अय्यर ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने पीएम कैंडिडेट को चायवाला बताकर मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था, “21वीं सदी में नरेंद्र मोदी कभी भी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, नहीं बनेंगे, नहीं बनेंगे। यहां आकर चाय बांटना चाहें तो हम उनके लिए जगह दे सकते हैं।”
अय्यर के इस बयान के बाद बीजेपी के इलेक्शन कैंपेन की दिशा बदल गई थी। नरेंद्र मोदी ने भी अपनी रैलियों में खुद के चायवाला होने का मुद्दा खूब भुनाया था।

नीच शब्द को लेकर राजनीति शुरू होने का यह पहला मौका नहीं

2014 के ही लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने एक बार अमेठी में रैली की थी। इसके बाद प्रियंका गांधी ने प्रचार के दौरान कहा था कि अमेठी में मेरे शहीद पिता का अपमान हुआ है। ऐसी नीच राजनीति करने वालों को अमेठी का हर बूथ जवाब देगा। प्रियंका के इस बयान पर मोदी ने कहा था- नीच जाति में पैदा होना गुनाह है क्या?

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